मीडिया को सरकारों का आलोचक होना चाहिए : अमित सेनगुप्ता

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एस आई ओ ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय छात्र अधिवेशन में तहलका के पूर्व एडिटर अजित सेनगुप्ता ने भारत की वर्तमान स्थिति की तरफ इशारा करते हुवे इसकी तुलना हिटलर के गैस चैंबर्स से की।

कहा कि आज भारत बीजेपी सरकार की सत्ता में माइनॉरिटी के लिए यातना गृह बन गया है।

सेनगुप्ता ने कासगंज की घटना का उदाहरण देते हुवे बताया कि कैसे आज मीडिया सच बताने की बजाए फेक न्यूज़ चला रहा है।

आजतक और अन्य न्यूज़ चैनल्स द्वारा चलाई गई फेक न्यूज़ का खंडन करते हुवे कहा कि इन सब के बावजूद मीडिया में कुछ ऐसे पत्रकार भी हैं जो सच को सच और झूठ को झूट कह सकतें है.

उन्होंने मीडिया द्वारा न्याय के विषय और अल्पसंख्यकों से जुड़ी खबरों को लेकर विशेष रव्यया अपनाने की भी आलोचना की।

लोकतंत्र में मीडिया को सरकार का गार्ड डोग ना होकर उस सरकार का वाच डोग होना चाहिए जो सरकार की नीतियों को आलोचनात्मक रूप से देंखें।

सेनगुप्ता ने पिछले महीने हूवी चार सीनियर जजों की प्रेस कांफ्रेंस की तरफ इशारा करते हुवे न्यायपालिका की खस्ता हालत पर भी अपनी बात रखी

उन्होंने जज लोया की संदिग्ध मौत पर कारवां और दी वायर जैसे कुछ जॉर्नालस की रिपोर्टिंग की तारीफ भी की

सेनगुप्ता ने देश की स्तिथि पर शोक भी जताया और युवाओं से इस स्तिथि को बदलने के लिए आगे आने की भी अपील की।

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