Covid19- “टूटेंगे बंधन और हम फिर आज़ाद होंगे” कविता

टप-टप गिर रहा था आज बूंदों के रूप में जो आसमां से आज इन बूंदों में वो पहले सा सुकून कहाँ है? आज वो बच्चे कहाँ...

लघु कथा! तजुर्बा

मेट्रो में एक बुजुर्ग महिला बैठी हैं... साथ उनकी बेटी है... दोनों भोजपुरी में बातें कर रही हैं... बातों का टॉपिक गाँव का कोई...

धरती का धनी कथाकार : फनीश्वरनाथ रेणु “

हिंदी जगत के कालजयी हस्ताक्षर अमरकथा शिल्पी फनीश्वर नाथ रेणु जिनका जन्म 4 मार्च 1921को बिहार स्थित अररिया जिले के एक छोटे से गांव...

कविता : हम सरकार हैं,ज़ुबान बंद रखो

हम सरकार हैं... हम सरदार है हमारा हुक्म सर्वोपरि है ज़ुबान बंद रखो आंखे मूंद लो तुम्हारी बुद्धि तुम्हारा विवेक तुम्हारा त्याग तुच्छ हैं हमारी शान के आगे तुम्हारा दर्द तुम्हारे आंसू तुम्हारी शंकाएं ज़िन्दगी और मौत कुछ...

सैर के वास्ते थोड़ी सी जगह और सही !

Druv Gupt ✒️..... दिल्ली के निज़ामुद्दीन में मौज़ूद मिर्ज़ा ग़ालिब की मज़ार दिल्ली की मेरी सबसे प्रिय जगह है। वहां की बेशुमार भीड़भाड़ में जब भी...

स्व. भिखारी ठाकुर की जयंती रंगवा में भंगवा परल हो बटोहिया !

Dhruv Gupt लोकभाषा भोजपुरी की साहित्य-संपदा की जब चर्चा होती है तो सबसे पहले जो नाम सामने आता है, वह है स्व भिखारी ठाकुर का।...

भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

शारिक़ अंसर, नई दिल्ली आज़ादी हासिल करने में और भारत जैसे बहुसंख्यक, बहुभाषीय व बहुसांस्कृतिक समाज को बांधे रखने और उसे नई दिशा देने में...

तरकीब (लघुकथा)

आज रविवार था, सुबह 8 बजे कोचिंग में वीकली टेस्ट और 30% मार्क्स के साथ सैफ़, बैच का सबसे कम नम्बर प्राप्त करने वाला...

चिनार का दर्द

एक नन्हा सा पौधा जिसे जवान होने में सदियां लगी थीं। जिसने पता नहीं कितनी तूफानी बर्फीली हवाओं से लड़कर अपने वजूद को जिंदा रखा...

[दर्पण] कितना अच्छा होता

कितना अच्छा होता, निकाल लेते सारा पोटेशियम नाइट्रेट बारूद से, और ज़्यादा बना सकते थे उर्वरक, पिघला देते हथियारों का सारा लोहा, और अधिक बना सकते थे हल, निकाल...