15 दिसम्बर की रात अपनी आंख खो देने वाले मिन्हाज़,रिलीफ कैम्प में कर रहे हैं लोगों की मदद

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मोहम्मद मिन्हाज़ याद हैं ? वही नोजवान जो 15 की शाम जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्ररी में बैठा पढ़ रहा था और दिल्ली पुलिस का हमला हुआ इसी दौरान मिन्हाज़ की एक आंख चली गयी थी और वो कई दिन दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहे। उनकी एक उंगली की हड्डी भी टूट गई थी।26 वर्षीय मिन्हाज़ जामिया में एलएलएम के छात्र हैं।

इतनी ह्रदय विदारक घटना के बाद इंसान टूट जाता है और जब उसकी एक आंख हमेशा के लिए चली जाए तब वो क्या महसूस कर रहा होगा ये सोचना हमारे लिए सम्भव नही है।

लेकिन मिन्हाज़ ने हम सभी के सामने एक मिसाल पेश की है.मिन्हाज़ दिल्ली दंगों के बाद बेघर हुए लोगों के लिए बनाए गए रिलीफ कैम्प में चल रहे लीगल वर्क में अपना सहयोग दे रहे हैं,चूंकि मिन्हाज़ लॉ के छात्र हैं और दंगों के दौरान मारे गए लूटे गए लोगों के लिए लीगल वर्क की ज़रूरत महसूस हो रही है। मिन्हाज़ यहां मुस्तफाबाद में मौजूद केम्प में लोगों को इस तरह की सहायता उपलब्ध करवा रहे हैं।

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