नए राहत शिविरों को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिए निर्देश

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं: 1. 4 अतिरिक्त राहत शिविर स्थापित करना 2. शिविर के लिए एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान करना 3. नियमित रूप से कचरे की सफाई और क्षेत्रों की सफाई 4. शिविरों के लिए अधिक से अधिक शौचालय उपलब्ध कराना 5. शिविर में सभी व्यक्तियों के लिए अधिक बेड उपलब्ध कराएं 6. वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्वच्छता सुविधाएं प्रदान की जाएं 7. यदि वे अपने घरों में वापस जाना चाहते हैं या अपना सामान इकट्ठा करने के लिए जाना चाहते हैं, तो परिवारों को संरक्षण।

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पिछले महीने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों के बाद हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं। इस स्थिति में पीड़ित परिवारों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहाँ कुछ लोग फिर से अपने घर को बसाने की जुगत में लगे हैं तो वहीं बहुत से लोगों को रिलीफ कैंप में रहना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को सामने रखते हुए पीड़ितों के पुनर्वास के उपायों की मांग करने वाली एक याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की गई। याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शुक्रवार को राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये याचिका शेख मुज्तबा फारूक द्वारा दायर की गयी थी। याचिका में, केंद्र और दिल्ली सरकार के विभिन्न अधिकारियों को अदालत से निर्देश देने की मांग की गई थी, ताकि यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जा सकें कि दंगा पीड़ितों को उचित मानवीय और चिकित्सा राहत प्रदान की जाए। मामले की तत्काल सुनवाई के बाद न्यायाधीशों की माननीय पीठ, सिद्धार्थ मिरदुल और तलवंत सिंह ने यूनियन ऑफ इंडिया, जीएनसीटी दिल्ली और एमसीडी को दिशा-निर्देश जारी किया है। ये निर्देश व्यापक रूप से दंगा प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता और मनोवैज्ञानिक मदद के मुद्दे को कवर करते हैं। ध्यान केवल राज्य के उपायों की क्षमता बढ़ाने पर नहीं, बल्कि इन सुविधाओं तक अधिक पहुंच सुनिश्चित करने पर भी दिया गया है।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
1. 4 अतिरिक्त राहत शिविर स्थापित करना
2. शिविर के लिए एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान करना
3. नियमित रूप से कचरे की सफाई और क्षेत्रों की सफाई
4. शिविरों के लिए अधिक से अधिक शौचालय उपलब्ध कराना
5. शिविर में सभी व्यक्तियों के लिए अधिक बेड उपलब्ध कराएं
6. वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्वच्छता सुविधाएं प्रदान की जाएं
7. यदि वे अपने घरों में वापस जाना चाहते हैं या अपना सामान इकट्ठा करने के लिए जाना चाहते हैं, तो परिवारों को संरक्षण।
याचिका दायर करने में स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाज़ेशन ऑफ़ इंडिया दिल्ली प्रदेश के अध्य्क्ष अबुल आला सैयद और उनकी टीम ने
याचिकाकर्ता मुज्तबा फारूक की मदद की थी , उन्होंने कहा की ह: “हम पीड़ितों के लिए राहत की मांग करने के लिए उच्चतम न्यायालय गए थे,लेकिन उच्च न्यायालय ने इस मामले को उच्चन्यायलय में स्थानांतरित कर दिया। आज हमारी याचिका पर दूसरी सुनवाई हुई जिसके बाद पीठ ने ये आदेश पारित किया है ”

ईदगाह राहत शिविर में पीड़ितों को होने वाली कठिनाइयों के बारे में उन्होंने कहा की “शिविर में बड़ी संख्या में लोग हैं यदि कोई बीमारी व्यक्तियों को प्रभावित करती है तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे, शिविर खुले स्थान पर है और वहाँ कई सुविधाएं नहीं हैं। ”

हाईकोर्ट ने चार दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और मंगलवार (24 मार्च) के लिए अगली सुनवाई तय की है।

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