दिल्ली दंगे : दंगों की आग में सब राख हो गया,अब फिरसे पटरी पर लौट रही ज़िंदगी

रिपोर्ट में हम आपको दिल्ली दंगों की मार झेल रहे ऐसे ही कुछ परिवारों से परिचित कराने की कोशिश कर रहे हैं जिनका दंगों के दौरान सबकुछ खत्म हो गया था लेकिन ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा विज़न-2026 के तहत इन लोगों को भरपूर सहायता दी गयी है। ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन मानवीय सेवा का एक गैर सरकारी संगठन है,फॉउंडेशन द्वारा दिल्ली दंगों के बाद बड़े स्तर पर राहत कार्य किए जा रहे हैं।

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वर्ष 2020 और फरवरी का महीना..देशभर में सीएए-एनआरसी के विरुद्ध आंदोलन तेज़ी पर थे और एक वक्त महसूस हो रहा था कि सरकार को अपने सविंधान विरोधी इस फैसले से पीछे हटना ही होगा लेकिन इस महीने का अंत राजधानी दिल्ली और पूरे देश को एक दाग दे गया.
दिल्ली में हुए दंगों के कारण और अन्य पहलुओं की चर्चा में जाए बगैर हम आपका ध्यान केंद्रित करवाना चाहते हैं दंगे के परिणाम पर..23 फरवरी से 29 फरवरी तक लगातार दंगों की आग में सुलगते रहे पूर्वी दिल्ली के दंगों में 50 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवां दी और हज़ारों लोग बेघर हो गए.. रिपोर्ट में हम आपको दिल्ली दंगों की मार झेल रहे ऐसे ही कुछ परिवारों से परिचित कराने की कोशिश कर रहे हैं जिनका दंगों के दौरान सबकुछ खत्म हो गया था लेकिन ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा विज़न-2026 के तहत इन लोगों को भरपूर सहायता दी गयी है। ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन मानवीय सेवा का एक गैर सरकारी संगठन है,फॉउंडेशन द्वारा दिल्ली दंगों के बाद बड़े स्तर पर राहत कार्य किए जा रहे हैं।

“35 साल पुरानी सिलाई की दुकान को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया,सबकुछ खत्म हो गया”

“एकसाहब हैं जिनका नाम मंजूर है इनकी सिलाई की दुकान थी नूर ए इलाही इलाके में. 35 सालों से वह इस दुकान को बहुत ही बेहतरीन अंदाज से चला रहे थे. फरवरी के महीने में जब दिल्ली में दंगे हुए तो दंगाइयों ने इनकी दुकान का ताला तोड़कर दुकान का सारा सामान सड़क पर ले जाकर आग के हवाले कर दिया और दुकान के बाकी बचे सामान को लूट कर ले गए.

दंगा तो कुछ अरसे बाद खत्म हो गया मगर यह बेचारे अपने कारोबार से हाथ धो बैठे। इसी बीच विजन 2026 को इनकी इस परेशानी का पता चला विजन की टीम द्वारा इनकी उस दुकान को दोबारा शुरू करवाने का आश्वासन दिया गया. इनकी दुकान को दोबारा चलाने के लिए विजन 2026 की टीम ने काम शुरू कर दिया है बहुत जल्द ही इनकी दुकान की पेंट-पुताई हो कर नयी सिलाई मशीनें इनको मुहैय्या करवा कर इनकी दुकान को दुबारा शुरू करवा दिया जायेगा.

इस प्रकार लोगों की खिदमत में अग्रणी संस्था विजन 2026 ने एक बार फिर एक परेशान हाल इंसान की मदद कर उसके रोजगार को दुबारा खड़ा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई।

-दंगाइयों द्वारा रेस्टोरेंट को आग के हवाले किया गया,पैर में गोली मारी,सब लूट लिया गया।

रोजगार की तलाश में 2001 में बिहार से सलमान नाम का एक व्यक्ति दिल्ली आया. यहां पर आकर उसने अपनी मेहनत से शास्त्री नगर में एक रेस्टोरेंट शुरू किया। वह रेस्टोरेंट बहुत अच्छे से चलने लगा था. सलमान अपने परिवार के साथ चांद बाग में रहता था.

दिल्ली दंगों से कुछ दिन पहले उसके रेस्टोरेंट के मालिक ने रेस्टोरेंट की दुकान खाली करने को कहा ताकि उस दुकान का रिनोवेशन का काम हो सके. सलमान ने दुकान खाली करी और अपना रेस्टोरेंट का सारा सामान एक गाड़ी में लोड करके अपने घर की तरफ जाने लगा. भजनपुरा के आसपास दंगाइयों ने उसे रोका और उसके सारे सामान को लूट लिया।

अगले दिन जब वह फजर की नमाज के बाद घर लौट रहा था तो दंगाइयों ने उसके पैर में गोली मार दी और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. उसका इलाज चला और वह अभी ठीक हो गया है मगर इन दिल्ली दंगों ने उसके कारोबार और उसकी जिंदगी को उथल-पुथल दिया।

सलमान की हालत फिर से 2001 वाली हो गयी थी. अब उसकी कमाई का कोई साधन नहीं था. विजन 2026 की टीम ने ऐसे मौके पर सलमान का हाथ थामा और उसे दोबारा से रेस्टोरेंट्स शुरू करने के लिए आश्वासन दिया।

नये और बुलंद हिम्मत व हौसले के साथ सलमान ने जाफराबाद में विजन 2026 की मदद से दोबारा से रेस्टोरेंट शुरू कर दिया है. विज़न 2026 ने दंगों की मार में उजड़ चुके एक परिवार को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने में मदद की है.

दिल्ली दंगों में सब कुछ खो चुके इमरान के रोजगार का इंतजाम Vision 2026 द्वारा किया गया

इमरान खान अपने परिवार के साथ शिव विहार, दिल्ली एरिया में एक किराये के मकान में रहता था. वह जफराबाद में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था और उसी कमाई से उसके घर का खर्चा चलता था. दिल्ली दंगों में इमरान के घर को भी लूट लिया गया था. बदकिस्मती से इन दंगों के बाद इमरान की जॉब भी चली गयी और कमाई का कोई जरिया नहीं रह गया था.

विज़न 2026 ने इमरान खान की इस परेशानी को समझा और उसके रोजगार के लिए एक दुकान खुलवा कर दी जिसमें इमरान ने बिरयानी बेचना शुरू किया है. विज़न 2026 की मदद से इमरान खान दुबारा से अपने परिवार का पालन पोषण इस दुकान की कमाई से कर रहा है.

हम सबकी नज़र में दंगो की आग बुझ गई है लेकिन ऐसे अनगिनत परिवारों की अनकही कहानियां है जो अभी तक भभक रही हैं,ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन जैसी संस्थाएं बड़े स्तर पर सर्वे के माध्यम से ऐसे परिवारों को मदद पहुंचाने का काम कर रही हैं।

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