“जमाते इस्लामी, जम्मू व कश्मीर (JeI) पर प्रतिबंध बेबुनियाद”

मौलाना उमरी ने सरकार से मांग की कि जितने भी लोग गिरफ्तार किए गए हैं उन्हें सरकार रिहा करे तथा संगठन से प्रतिबंध भी हटाए।

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  • शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जमाअत इस्लामी हिन्द (JIH) के अध्यक्ष मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी ने कहा कि जमाते इस्लामी, जम्मू व कश्मीर पर लगाया गया प्रतिबंध बेबुनियाद और ग़लत है। जमाते इस्लामी, जम्मू व कश्मीर कई सालों से शिक्षा, समाज सुधार एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज तक पहुंचाने का काम कर रही है। मौलाना उमरी ने सरकार से मांग की कि जितने भी लोग गिरफ्तार किए गए हैं उन्हें सरकार रिहा करे तथा संगठन से प्रतिबंध भी हटाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमाअत इस्लामी हिंद (JIH) द्वारा की गई अन्य बातें

जमाअत इस्लामी हिंद ने पिछले दो हफ्तों से भारत और पकिस्तान के बीच व्याप्त बेहद तनावपूर्ण स्थिति में कमी की सराहना की है।

जमाअत के राष्ट्रीय महासचिव इं. मोहम्मद सलीम ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, “हम इस तनावपूर्ण स्थिति को समाप्त करने के पहल की सराहना करते हैं। हमें उम्मीद है कि शांति और सौहार्द का माहौल कायम होगा। ऐसा लगता है कि दोनों देश बातचीत और शांति के रास्ते तलाश रहे हैं।“

इं. सलीम के अलावा जमात के अध्यक्ष मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी और उपाध्यक्ष नुसरत अली ने भी मीडिया को संबोधित किया।

जमात के नेताओं ने 14 फरवरी के पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे। उन्होंने वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति को चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश के लिए सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना भी की।

महासचिव इं मोहम्मद सलीम ने कहा कि हम 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले की निंदा करते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह से सत्ताधारी दल ने चुनावी फायदे के लिए पुलवामा हमले का राजनीतिकरण करने कि कोशिश की है वह बहुत ही भयावह है। ज़्यादातर राजनीतिक दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। पुलवामा हमले के दौरान सामने आई सुरक्षा खामियों की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए और जो लोग दोषी पाए जाएँ उनके विरुद्ध उचित क़दम उठाया जाना चाहिए।

14 फरवरी के पुलवामा हमले के बाद  दोनों मुल्कों के बीच तनाव बढ़ गया था। 26 फरवरी की सुबह भारत ने पकिस्तान पे हवाई हमले किए, 27 फरवरी को दोनों देशों ने एक दुसरे पर हमला किया। दोनों का कहना था कि उन्होंने एक दूसरे के कम से कम एक लड़ाकू जेट विमान मार गिराया है जिसमें भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने जीवित पकड़ लिया था और तनाव की स्थिति बढ़ गयी थी। हालांकि 28 फरवरी को पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने शुक्रवार (1 मार्च) को भारतीय पायलट के भारत वापसी की घोषणा कर दी और अभिनंदन को आखिरकार शुक्रवार रात वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया जिससे तनाव की स्थिति से उबर कर उपमहाद्वीप में राहत महसूस की जा रही है।

पिछले हफ़्तों में मीडिया के एक बड़े हिस्से की भूमिका विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना थी, उस समय जब दोनों देशों के बीच स्थिति बहुत नाज़ुक हो गई थी। ऐसा लग रहा था जैसे टीवी स्टूडियो वार रूम में बदल गए हैं। मीडिया ने युद्ध भड़काने और बड़े पैमाने पर उन्माद का माहौल बनाया था।

जमाअत ने मीडिया के नकारात्मक रवैये की निंदा की और युद्ध-उन्माद से बचने का आग्रह किया। जमात के महासचिव ने कहा कि,“मीडिया के एक बड़े हिस्से की भूमिका विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना थी, उस समय जब दोनों देशों के बीच स्थिति बहुत नाज़ुक हो गई थी। ऐसा लग रहा था जैसे टीवी स्टूडियो वार रूम में बदल गए हैं। मीडिया ने युद्ध भड़काने और बड़े पैमाने पर उन्माद का माहौल बनाया था। देश को अपने पड़ोसी के साथ युद्ध में धकेलने की पूरी कोशिश की गयी। मीडिया हॉउस से निकलने वाली बहस, चर्चा और समाचार उकसाने के साधन बन गए थे। जमाअत इस्लामी हिंद मीडिया से हमारे राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित मामलों में बहुत परिपक्व और जिम्मेदार भूमिका निभाने की उम्मीद करता है।”

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