बजरंग दल की जलाभिषेक यात्रा बनी नूह में हिंसा की वजह

राजधानी दिल्ली से सटा हरियाणा राज्य हिंसा की चपेट में है। हरियाणा के विभिन्न इलाक़ों से आने वाले कई वीडियोज़ सोशल मीडिया पर गर्दिश कर रहे हैं जिनमें यह साफ़ देखा जा सकता है कि हिंसा जान-बूझकर भड़काई जा रही है। फ़िलहाल कुछ इलाक़ों में धारा 144 लागू है और कुछ जगहों पर पूरी तरह कर्फ़्यू लगा दिया गया है। साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

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बजरंग दल की जलाभिषेक यात्रा बनी नूह में हिंसा की वजह

रिपोर्ट: उवैस सिद्दीक़ी

राजधानी दिल्ली से सटा हरियाणा राज्य हिंसा की चपेट में है। हरियाणा के विभिन्न इलाक़ों से आने वाले कई वीडियोज़ सोशल मीडिया पर गर्दिश कर रहे हैं जिनमें यह साफ़ देखा जा सकता है कि हिंसा जान-बूझकर भड़काई जा रही है। फ़िलहाल कुछ इलाक़ों में धारा 144 लागू है और कुछ जगहों पर पूरी तरह कर्फ़्यू लगा दिया गया है। साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। हरियाणा के मेवात, नूह, पलवल, गुरुग्राम व इनके अलावा कई अन्य इलाक़ों में कल से हिंसा फैली हुई है। बता दें कि राज्य का माहौल तब ख़राब होना शुरू हुआ जब हिंदुत्ववादी अतिवादी संगठन बजरंग दल की ओर से जलाभिषेक यात्रा निकालने की घोषणा की गई। घोषणा के बाद जब यात्रा निकलना शुरू हुई तो यह यात्रा हिंसा की वजह बन गई।

फ़ोटो : गूगल

तथ्यों को जानने के लिए छात्र विमर्श ने नूह के एक स्थानीय नागरिक वाजिद से बात की। वाजिद ने बताया कि 31 जुलाई के दिन सुबह के समय हिंसा शुरू हुई। बजरंग दल के कार्यकर्ता नूह के नलहर गांव स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे थे। वाजिद के अनुसार वे शांतिपूर्ण ढंग से जाने और धार्मिक नारों के बजाए भड़काऊ नारे लगाते हुए जा रहे थे, साथ ही साथ ख़ूब हल्ला-गुल्ला भी हो रहा था जिस पर भी स्थानीय लोगों ने कुछ नहीं कहा और धैर्य से काम लिया। लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने नूह में खेड़ा मोड़ के क़रीब एक मुस्लिम युवक को टक्कर मार दी जिससे स्थानीय निवासियों द्वारा उनसे नोंक-झोंक हुई और यह बहस हिंसक हो गई और दोनों समुदायों में पथराव शुरू हो गया। वाजिद बताते हैं कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के पास भारी मात्रा में हथियार मौजूद थे जिसका उन्होंने मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ उपयोग भी किया। उसके बाद इसी प्रकार हिंसा और फैल गई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नलहर पहुंच कर वहां के मुस्लिम समुदाय और एक मस्जिद को भी नुक़्सान पहुंचाया। तब तक काफ़ी हिंसा फैल चुकी थी और नुक़्सान हो चुका था जिसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रण में किया।

फ़ोटो : गूगल

वाजिद आगे कहते हैं कि इसी तरह रात तक पुलिस ने हालात पर क़ाबू पाया लिया और लगभग रात 8:30 – 9:00 बजे तक यात्रा को वहां से निकाल दिया गया। जिसके बाद शहर से लूटपाट और दोनों समुदायों की दुकानें और गाड़ियां जल जाने की ख़बरें आने लगीं। कई हिंदुओं ने आक्रोश में आ कर मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानें और गाड़ियां जला दीं और कई मुसलमानों ने भी हिंदू समुदाय के लोगों की संपत्तियों को नुक़्सान पहुंचाया। वाजिद के अनुसार राज्य में ग़म और गुस्सा पहले से था जो इस यात्रा के हिंसक हो जाने पर फूट पड़ा। वाजिद ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है तो पुलिस द्वारा गिरफ़्तारियों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। नूह और आसपास के गांवों से दोनों समुदायों के लोगों को हिरासत में लिया जाने लगा है। साथ ही साथ नूह विधानसभा क्षेत्र से इंडियन नेशनल लोक दल के पूर्व विधायक बदरुद्दीन चौधरी के बेटे नासिर हुसैन समित उनके कुछ साथियों को भी गिरफ़्तार किया गया है।

वाजिद के अनुसार एक हिंसा के जवाब में जगह-जगह हिंसा भड़क उठी और यात्रा के दौरान लगाए जाने वाले “जय श्री राम” के नारे कब मुस्लिम विरोधी हो गए पता ही नहीं चला। जब वाजिद से हमने पूछा कि वे किस तरह आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे तो इसके जवाब में उन्होंने बताया कि वे बहुत नफ़रत भरे नारे लगा रहे थे, जैसे “अकबर तेरे बाप का नाम जय श्री राम जय श्री राम”, “देश के ग़द्दारों को गोली मारो सालों को”, “मुल्ले काटे जाएंगे राम राम चिल्लाएंगे” इस तरह के नारे लगातार लगाए जा रहे थे ताकि मुस्लिम समुदाय को और उकसाया जाए। वाजिद ने आख़िर में कहा कि इससे पहले हरियाणा और विशेष रूप से मेवात और नूह का माहौल तो कभी ऐसा नहीं था। दोनों समुदायों के लोग सदियों से मुहब्बत और भाईचारे के साथ रहते थे और अब भी हिंसा के दौरान स्थानीय लोगों ने कोई नुक़्सान नहीं पहुंचाया बल्कि जो बजरंग दल के कार्यकर्ता बाहर से इस यात्रा में शामिल होने आए थे उन्होंने शांति भंग करने का काम किया और देखते ही देखते गुरुग्राम, मेवात, पलवल आदि से हिंसा के वीडियोज़ सोशल मीडिया पर घूमने लगे।

फ़ोटो : गूगल

बता दें कि इस मामले में 1 अगस्त की शाम, आख़िर राज्य सरकार को होश आया और उन्होंने चुप्पी तोड़ी। राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हिंसा से संबंधित केंद्र सरकार को सूचित कर दिया है और जल्द ज़रूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसी के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने सूचना देते हुए बताया कि अब तक क़रीब 44 एफ़आईआर इस मामले में दर्ज की जा चुकी हैं और तक़रीबन 70 लोगों को नामज़द कर गिरफ़्तार भी किया जा चुका है, इसके अलावा आगे भी कार्रवाई जारी है जिसमें हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है‌ ताकि उनके ख़िलाफ़ जल्द कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सके। इसी के साथ जिन लोगों का जानी माली नुक़्सान हुआ है, उन्हें उचित मुआवज़ा भी दिया जाएगा। अब तक 5 लोगों की मृत्यु की ख़बर है जिनमें 2 पुलिस कर्मी और बाक़ी 3 अन्य नागरिक हैं। मुख्यमंत्री ने मामले को दोनों समुदायों की चूक बताते हुए शांति बनाए रखने का आग्रह भी किया है।

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