एएमयू ने राष्ट्रहित के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है: सआदतुल्लाह हुसैनी

"अपने चरित्र के माध्यम से विश्विद्यालय को इस्लाम का व्यवहारिक नमूना बनाएं और लोगों के सामने विश्वविद्यालय की अच्छी तस्वीर पेश करें और एएमयू के छात्र अपने सामने बड़ा लक्ष्य रखें। वे जिस भी क्षेत्र में काम करें, उसमें महारत हासिल करें और नोबेल पुरस्कार जीतने का लक्ष्य अपने सामने रखें"

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दिनांक 21.04.2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ की ओर से विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्ट्रेची हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद अमीर (अध्यक्ष), जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द जनाब सैय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी साहब ने छात्रों एवं युवाओं को सम्बोधित किया। यह कार्यक्रम एएमयू छात्रसंघ के कैबिनेट सदस्य फ़िरदौस अहमद ने आयोजित किया था।
विश्वविद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए जमाअत-ए-इस्लामी एएमयू क्षेत्र के अध्यक्ष जनाब अशहद जमाल नदवी ने कहा कि “यह ऐतिहासिक स्ट्रेची हॉल अतीत में कई कार्यक्रमों, सभाओं और स्वागत समारोहों का गवाह रहा है।‌ इसी स्ट्रेची हॉल में लगभग अस्सी वर्ष पहले जमाअत-ए-इस्लामी के संस्थापक सैय्यद अबुल आला मौदूदी ने छात्रों को सम्बोधित किया था और आज अस्सी वर्ष बाद जमाअत-ए-इस्लामी के छठे अध्यक्ष (अमीर) सैय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी हमारे बीच हैं।”
छात्रसंघ सचिव हुज़ैफ़ा आमिर और उपाध्यक्ष हमज़ा सुफ़ियान ने कहा कि “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र मौजूदा समय में पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हाल ही में कुछ छात्रों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की है। इस सिलसिले को और तेज़ करने की आवश्यकता है। छात्रसंघ पूरी तरह छात्रों के हित के लिए उनके साथ खड़ा है।”
अपने सम्बोधन में अमीर, जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द जनाब सैय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अतीत में राष्ट्रहित के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुल्क और क़ौम के बुरे समय में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं और आगे बढ़कर नेतृत्व संभाला है। आज पूरी दुनिया के जो हालात बन रहे हैं, वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए नई चुनौतियों के साथ-साथ नए अवसरों के दरवाज़े भी खोल रहे हैं। आवश्यक है कि इस दौर में एक बार फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र सामने आएं और आगे बढ़कर नेतृत्व संभालें और मुल्क ओ क़ौम के लिए बेहतरी का माध्यम बनें।”
उन्होंने छात्रों के सामने तीन बिंदुओं पर आधारित योजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को अपने सामने तीन बिंदुओं पर आधारित यह योजना सामने रखनी चाहिए। पहला, कि वे इस्लाम का पैग़ाम सभी लोगों तक पहुंचाने का काम करें। आम जनमानस और छात्र जो इस्लाम से अनभिज्ञ हैं, उन तक इस्लाम का वास्तविक संदेश पहुंचाएं। दूसरा, कि वे अपने चरित्र के माध्यम से विश्विद्यालय को इस्लाम का व्यवहारिक नमूना बनाएं और लोगों के सामने विश्वविद्यालय की अच्छी तस्वीर पेश करें और आख़िरी बिंदु कि एएमयू के छात्र अपने सामने बड़ा लक्ष्य रखें। वे जिस भी क्षेत्र में काम करें, उसमें महारत हासिल करें और नोबेल पुरस्कार जीतने का लक्ष्य अपने सामने रखें।”
कार्यक्रम फ़िरदौस अहमद (आयोजक एवं कैबिनेट सदस्य एएमयू छात्रसंघ) के समापन भाषण के साथ समाप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन एएमयू छात्रसंघ के पूर्व कैबिनेट सदस्य, मतीन अशरफ़ ने किया। इस अवसर पर स्ट्रेची हॉल में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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