बिहार शरीफ़ दंगा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा : प्रतिनिधि मंडल

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बिहार शरीफ़ में राम नवमी के अवसर पर हुए दंगे के बाद ख़बरें और तस्वीरें चर्चा में रहीं। इसी बीच जमाअत-ए-इस्लामी हिंद और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया (एसआईओ) बिहार की तरफ़ से एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित लोगों का हाल जानने और दंगे के पीछे के तथ्यों का पता लगाने के लिए बिहार शरीफ़ का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह दंगा प्रशासन और पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। अगर पुलिस चौकन्ना रहती और सही वक़्त पर सही कार्रवाई करती तो इतना नुक़सान न हुआ होता।

इस दंगे में बुरी तरह ध्वस्त हो जाने वाला मदरसा अज़ीज़िया बहुत ज़्यादा सुर्ख़ियों में बना रहा। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल रहीं। मदरसा अज़ीज़िया के प्रभारी मौलाना मुहम्मद शाकिर क़ासमी ने बताया कि इस मदरसे में दंगाइयों ने पेट्रोल बम से आग लगाई थी। यह मदरसा प्राचीन और बिहार राज्य सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड से पंजीकृत है, जिसकी साढ़े चार हज़ार किताबें, मदरसा पुस्तकालय की 18 अलमारियां, ढाई सौ पांडुलिपियां और पवित्र क़ुरआन की तीन सौ प्रतियां पूरी तरह से जलकर ख़ाक हो गईं। छात्रों के दस्तावेज़ों के अलावा मदरसे के ज़रूरी काग़ज़ात भी जल गए। इमारत के साथ-साथ उनकी संपत्ति को भी बुरी तरह नुक़सान पहुंचाया गया। दीवारों में दरारें आ गई हैं और फ़र्श पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वॉशरूम, शौचालय आदि भी नष्ट हो गए।सभी पंखे और बिजली की वायरिंग चली गई है।

अज़ीज़िया सुपरमार्केट: जेम्स फ़ुट मार्केट के नवेद अख़्तर और निहाल अख़्तर बताते हैं कि दंगे के दौरान उनकी जूते-चप्पल की दुकान में आग लगा दी गई, जिससे पूरी दुकान जलकर ख़ाक हो गई। ईद के अवसर पर दुकान में नया माल लिया गया था, जिसके जलने से क़रीब बीस लाख रुपये का नुक़सान हुआ है।

वहीं मरारपुर की शाही मस्जिद का हाल भी कुछ ऐसा ही है। मस्जिद के इमाम मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि अचानक दंगाइयों का एक जत्था मस्जिद के प्रांगण में घुस आया, मस्जिद का मुख्य द्वार और दोनों मीनारें क्षतिग्रस्त कर दीं। पथराव से वुज़ूख़ाने की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मस्जिद परिसर में स्थित चून्नू ड्रायफ्रूट्स मेवों के एक थोक व्यापारी ने बताया कि ईद के मौक़े पर आपूर्ति के लिए बड़ी मात्रा में सूखे मेवे, सेवई और लच्छा दुकान में था, जिसे दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे उनका लाखों का नुक़सान हुआ। उसी दुकान के अंदर एक बुलेट मोटर साइकिल भी जला कर ध्वस्त कर दी गई। मस्जिद परिसर में ही बिरयानी प्लाज़ा को आग के हवाले कर दिया गया। इसके मालिक मुहम्मद समीर ने बताया कि उन्हें लगभग अट्ठारह से पहले बीस लाख रुपए का नुक़सान हुआ है।

कांटा पार मोहल्ला: इसी मोहल्ले में स्थित सिटी पैलेस मैरिज हॉल में भी दंगाइयों ने आग लगा दी। हॉल के मालिक और जनता दल यूके नालंदा ज़िला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुल्तान अंसारी ने बताया कि हॉल का ऊपरी और निचला हिस्सा आग की चपेट में आ गया। ईद के तुरंत बाद उनका हॉल कई शादियों के लिए बुक हो गया था। वह अपने आंसुओं पर क़ाबू नहीं रख पाए और कहा कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें! तो वहीं डिजिटल दुनिया कॉम्प्लेक्स में क़ीमती कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक संपत्तियां लूट ली गईं और आग लगा दी गई, जिसके नुक़सान का अभी अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता है।

यह तो कुछ ही कहानियां थीं। इसके अलावा ऐसी कई कहानियां है जिन्हें सुनकर हम इन प्रभावित लोगों की पीड़ा का अंदाज़ा तक नहीं लगा सकते। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बिहार शरीफ़ दंगे में हुए नुक़सान की भरपाई करने में काफ़ी समय लगेगा। लेकिन चिंताजनक बात यह है की इस दंगे के कारण बरसों बरस के समाजी रिश्ते को ठेस पहुंची है। एक शहर और एक मोहल्ले में सालों से साथ रहने वाले दो समुदायों के दरमियान दरार पैदा हो गई जिसको जल्द ही पाटना एक सामाजिक ज़रूरत है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले के पीछे जिन लोगों का हाथ है, जल्द से जल्द उन पर कार्रवाई की जाए और जिनके ख़िलाफ़ अब तक एफ़आईआर नहीं की गई है उनके ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज की जाए। साथ ही, जो बेकसूर गिरफ़्तार किये गये हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द रिहा किया जाए। लोगों की संपत्तियों, उनकी दुकानों, मकानों और मस्जिदों और मदरसों को जो भी नुक़सान पहुंचा है, जल्द से जल्द उस नुक़सान की भरपाई की जाए और उन्हें उचित मुआवज़ा दिया जाए।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना रिज़वान अहमद इस्लाही ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे आपसी संबंधों को ख़ुशहाल बनाएं और किसी के बहकावे में न आएं। एक दूसरे का सम्मान करें और आपसी ग़लतफ़हमियों को दूर करें। मुसीबत की इस घड़ी में जितना हो सके अल्लाह को याद करें, तौबा करें और माफ़ी मांगें, अल्लाह पर भरोसा रखें।

एसआईओ बिहार के अध्यक्ष शादमान नोमानी ने कहा कि हम विशेष रूप से मुख्यमंत्री से मांग करते हैं की वो घटना स्थल का दौरा करें और पीड़ितों को जल्द इंसाफ़ दिलाएं। साथ ही जिन लोगों का आर्थिक नुक़सान हुआ है उनके लिए आर्थिक मदद की घोषणा करें। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में जिस तरह से ऐसी ताक़तों को बल मिलता जा रहा है, आने वाले दिनों मे बिहार की तरक़्क़ी और शांति में सबसे बड़ी रुकावट बन सकता है। समाज के हर वर्ग को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए अन्यथा पहले से पिछड़ा बिहार और पिछड़ता चला जाएगा।

दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद बिहार के प्रदेश सचिव निसार अहमद, राष्ट्रीय मामलों के सचिव ज़िया क़मर, सचिव मीडिया विभाग सैय्यद जावेद हसन, अध्यक्ष एसआईओ बिहार शादमान नोमानी, स्थानीय अध्यक्ष ख़ालिद अनवर, जमाअत के वरिष्ठ सदस्य शफ़ीक़ अहमद, कार्यकर्ता मुहम्मद इस्लाम और मुनीरूल हक़ शामिल थे।

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