नार्थ घोंडा की एक मस्जिद की दास्तान!

0
950
मस्जिद का वो हिस्सा जहां नमाजी नमाज अदा करते हैं

Sio दिल्ली की टीम ने सनीचर(29-02-2020) को घोंडा का दौरा किया। नार्थ घोंडा की एक मस्जिद को आगजनी कर शहीद की गई। इस अलाक़े मे अबतक कोई मीडिया रिपोर्टिंग भी नहीं हुई है न ही किसी मीडिया रिपोटर इस क्षेत्र का दौरा किया है।

मस्जिद का वो हिस्सा जहां नमाजी नमाज अदा करते हैं
नमाजियों के मुताबिक ये ईंट बाहर से मस्जिद के अंदर फेंका गया है

मस्जिद की दीवार पर “जय श्री राम” का स्लोगन लिखा हुआ है था। मस्जिद की खिड़कियों पर गोलियों के चिन्ह हैं। लोहे की रॉड से दीवारों को तोड़ने की कोशिश की गई थी। मस्जिद में मौजूद धार्मिक ग्रंथों(कुरान) को जलाया गया था। उसके अलावा पूरे मस्जिद में आगजनी कर जलाया गया था। फंखे टूटे हुए थे। नमाज पढ़ने की जगह पर जो चटाई(जायनमाज) थी जला दी गई थी। चटाइयों के जले अंश इधर उधर बिखरे पड़े थे। मस्जिद के अन्दर ईंट पत्थरों के टुकड़े बिखरे पड़े थे। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगजनी से पहले मस्जिदों पर पथराव किया गया है। इमाम और मोअज्जिन साहब के आवासीय कमरे को जलाया गया है।

मस्जिद उमर फारूक की बाहरी दीवार जिस पर जलते हुए धुंए के निशान हैं, इसकी दीवार पर व्हाइट कलर में “जय श्री राम” लिखा गया है

इमाम साहब के मुताबिक जब बात हुई तो उन्होंने बताया कि “हमें पड़ोसियों ने मस्जिद की छत से अपनी छत पर चढाया और वहा से जान बचाने के बाद बाहर निकलने का रास्ता दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि “कल यानी रविवार को जब मोअज्जिन साहब मस्जिद को देखने गए तो वहां के स्थानीय लोगों ने उनको जबर्दस्ती डरा धमकाकर भगाया गया और उस घर तक आये जहां उन्होंने पनाह ले रखी थी और घर वालों को मजबूर किया कि वे अपने घर से मोअज्जिन को बाहर निकाल दें। बाद में मजबूर हो कर मोअज्जिन साहब इंद्रलोक चले गए हैं।

हमारे एक साथी दो दिन पहले जब उस मस्जिद की गली में गये थे। स्थानीय लोगों से मस्जिद के बारे में पूछा तो उनलोगों ने हंसते हुए बताया कि “सामने वाली गली में पहले मस्जिद थी लेकिन अब नहीं है”

मस्जिद की छत को भी आगजनी से काफी नुकसान हुआ है

इमाम साहब से हमारी टीम ने सवाल किया कि इस मस्जिद की FIR नहीं कराना हो तो बताएं। हम सभी मस्जिद की सफाई कर नमाज पढ़ कर ही लौटेंगे। ताकि मुहल्ले वालों की दिलों से डर ख़ौफ़ माहौल खत्म हो और अवाम मस्जिद को एक बार फिर से आबाद करें। लेकिन उनका इरादा FIR कराने का है.
उम्मीद करते हैं कि लोग जल्द से जल्द इस मस्जिद को आबाद करें। इसके अलावा दूसरी अन्य मस्जिदों को भी आबाद करें। उम्मीद करता हूँ कि पहले से ज्यादा ये मस्जिद आबाद रहेगी।
फ़वाज़ जावेद, लुकमान, मआज
टीम
SIO DELHI

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here