चंद उम्मीद की रोटियां थी थैले में लेकिन भूख लगने से पहले ही मौत की ट्रैन आ गयी

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रोटी से भूख मिटाएंगे
हाँ सही सुना आप ने,रोटी से भूख मिटाएंगे

सोचा था कि रोटी से भूख मिट जाएगी तो
ज़िन्दगी के सफर को आगे बढ़ाएगे

स्वार्थ की हवा वाले इन शहरों मे भूखे मरने से अच्छा
गाँव की चटनी रोटी खाएंगे

हाँ सही सुना आप ने रोटी से भूख मिटाएंगे

पैसों की कमी थी तो सोचा की
पैदल ही घर को निकल जाएंगे।

सफर में थकावट से चूर होकर
हम मौत की पटरी पर सुसताएंगे

हाँ सही सुना आप ने,रोटी से भूख मिटाएंगे

मज़दूर कहे जाते हैं हम कौन आह सुनता है हमारी
लेकिन ऊपर जाकर उसको सब कुछ सुनाएंगे

हम अपनी मौत पर हुक्मरानों के लिए
हज़ार सवाल छोड़ जाएंगे

जी हाँ,सही सुना आप ने,रोटी से भूख मिटाएंगे

साद शम्स

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