जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन का 13वां दिन!

स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव फवाज़ शाहीन ने प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों को संबोधित करते हुवे बताया कि, CAA, NRC हो या NPR इन कानूनों का पहला निशाना मुसलमान तो है लेकिन आखिरी शिकार नहीं। इन कानूनों के बूरे प्रभाव देश के सभी पिछड़े समुदायों पर पड़ेंगे। उन्होंने सभी लोगों को इन सरकारी प्रक्रियाओं में ना शामिल होने की कसम भी दिलाई।

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन का आज 13वां दिन था। आज के दिन क्रिसमस डे के मौके से प्रदर्शन स्थल को क्रिसमस ट्री और कई प्रकार की साज सज्जा से सजाया गया था.
आज के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में इसाई समुदाय के लोग समेत अलग अलग धर्मो के गुरु और कार्यकर्त्ता मौजूद थे. सभी ने मिलकर केक काटा और यीशु मसीह का जन्मदिवस मनाया. प्रदर्शन सभा में फाइन आर्ट्स फैकल्टी की छात्राओं ने क्रिसमस केरोल भी गाया.

आज कई लोग प्रदर्शन के दौरान सेंटा क्लोज़ की वेशभूषा में नज़र आए. बच्चो को टोफियाँ भी बांटी जा रही थी. इस मौके पर कुछ छात्रों की और से ओपन रीडिंग सेशन का आयोजन किया गया था जिसमें बड़ी संख्या में छात्र समेत आस पास के लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें गांधी जी की जीवनी और मेरा स्वराज किताबों के अंक पढ़े गए और कुछ सीनियर छात्रों ने उस पर चर्चा की.

सभा को सम्बोधित करते हुवे ऑल इंडिया क्रिश्चियन माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष फिलिप क्रिस्टी (Phillip Cristy) ने कहा कि जिन्हें भी हमारी नागरिकता का सबूत चाहिए वो जाकर ताज महल देखें, लाल किला देखें, क़ुतुब मीनार देख ले। चाहे जो भी हो जाए लेकिन जब तक जामिया के छात्र हैं, हम इस देश में सरकारों की मनमानी नहीं चलने देंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर मधु प्रसाद ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुवे कहा कि ये हर काम के लिए कांग्रेस का हवाला देते हैं, कि ये उनके कामों को आगे बढ़ा रहे हैं। अगर यही बात है तो हमने कांग्रेस को भी देखा आगे आपको भी देख लेंगे।

स्वामी अग्निवेश ने इशारा करते हुवे मुसलमानों को इस देश से भगाने वालों को चेतावनी देते हुवे कहा कि हिंदुस्तान किसी के बाप का नहीं है। यहां कोई नहीं है जो ये तय करने का अधिकार रखता हो, कि कौन यहां रहेगा और कौन नहीं। स्वामी अग्निवेश, क्रिसमस के सेलिब्रेशन में भी शामिल हुवे और सभी धर्मगुरुओं के साथ मिलकर उन्हें केक काटा और सबमें बांटा।

स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव फवाज़ शाहीन ने प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों को संबोधित करते हुवे बताया कि, CAA, NRC हो या NPR इन कानूनों का पहला निशाना मुसलमान तो है लेकिन आखिरी शिकार नहीं। इन कानूनों के बूरे प्रभाव देश के सभी पिछड़े समुदायों पर पड़ेंगे। उन्होंने सभी लोगों को इन सरकारी प्रक्रियाओं में ना शामिल होने की कसम भी दिलाई।

कवि और महिला अधिकार कार्यकर्ता सबिका अब्बास नकवी ने पूरे जोश के साथ अपनी क्रांतिकारी कविताएं पढ़ी। उन्होंने अपनी कविताओं से सरकार, बिकाऊ लीडर्स और देश में हो रही ना इंसाफी पर चुप बैठे तमाम लोगों को ललकारा। उन्होंने हर इंसान से अपनी हैसियत के अनुसार इस पूरे आंदोलन में सहयोग देने की भी अपील की।

कुरबान अली, जो एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जामिया विश्वविद्यालय की तारीख के सुनहरे अध्यायों को याद दिलाते हुवे, सरकार और तानाशाह नेताओं को संबोधित करने के अंदाज़ में कहा कि हम वो लोग नहीं है, जो आपकी पुलिस और फोर्स से डर कर खामोश हो जाएं। हम इस देश के लिए लड़े थे, और लड़ते रहेंगे।

गांधी पीस फाउंडेशन से आए कुमार प्रशांत ने पूरी जामिया कम्युनिटी को अपने लगातार प्रतिरोध और प्रदर्शन के लिए सैल्यूट किया। और कहा कि जामिया के छात्र और लोग मजबूती से आगे बढ़े, सभी का साथ उनके साथ है।

सुखदेव विहार चर्च से आए फादर रवि सागर ने भी अंग्रेज़ी में अपनी बात रखी और जामिया के छात्रों को एक देशव्यापी और अंतरराष्ट्रीय आंदोलन की जोत जगाने पे बधाई दी.

हर रोज़ की तरह आज भी प्रदर्शन में सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया.

आज के प्रदर्शन में क्रिसमस सेलिब्रेशन एक मुख्य आकर्षण था. जो साज सज्जा फाइन आर्ट्स फैकल्टी की छात्राओं ने की थी, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इसे खूब सराहा. कई वक्ताओं ने आज प्रदर्शन के दौरान क्रिसमस मनाये जाने को देश की साझी संस्कृति की रक्षा से जोड़कर जामिया के विद्यार्थियों की खूब तारीफ की.
अज़हर अंसार (मीडिया कमेटी, JCC)

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