तरकीब (लघुकथा)

आज रविवार था, सुबह 8 बजे कोचिंग में वीकली टेस्ट और 30% मार्क्स के साथ सैफ़, बैच का सबसे कम नम्बर प्राप्त करने वाला...

लघु कथा! तजुर्बा

मेट्रो में एक बुजुर्ग महिला बैठी हैं... साथ उनकी बेटी है... दोनों भोजपुरी में बातें कर रही हैं... बातों का टॉपिक गाँव का कोई...

वह सुबह ज़रूर आएगी! डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती विशेष

मैं हुं न्याय, दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं जो सुबह से लेकर शाम तक में मुझे याद न करे। सब लोग मुझसे इतना...

धरती का धनी कथाकार : फनीश्वरनाथ रेणु “

हिंदी जगत के कालजयी हस्ताक्षर अमरकथा शिल्पी फनीश्वर नाथ रेणु जिनका जन्म 4 मार्च 1921को बिहार स्थित अररिया जिले के एक छोटे से गांव...

[दर्पण] युद्ध और शांति

उन्होंने नहीं देखा है अभी बस्तियों को उजड़ते हुए लोगों को कराहते हुए गिद्धों को लाशें नोचते हुए और शहरों को श्मशान बनते हुए उन्होंने नहीं सुना है अभी किसी...

स्व. भिखारी ठाकुर की जयंती रंगवा में भंगवा परल हो बटोहिया !

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Dhruv Gupt लोकभाषा भोजपुरी की साहित्य-संपदा की जब चर्चा होती है तो सबसे पहले जो नाम सामने आता है, वह है स्व भिखारी ठाकुर का।...

कविता-नफरत…

नफरत... जिसके बीज दिलों में बोए जाते हैं। जो इन्सान से कई अपराध कराती है। और जब यह नफरत हद से गुज़र जाती है, तो सांप्रदायिक दंगे भड़काती...

[कविता] तब क़लम उठानी पड़ती है

मानवता जब दम तोड़ रही हो, सांसें साथ छोड़ रही हों, तब क़लम उठानी पड़ती है, क्रांति की मशाल जलानी पड़ती है। देश के सारे मुद्दे...

कविता : हम सरकार हैं,ज़ुबान बंद रखो

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हम सरकार हैं... हम सरदार है हमारा हुक्म सर्वोपरि है ज़ुबान बंद रखो आंखे मूंद लो तुम्हारी बुद्धि तुम्हारा विवेक तुम्हारा त्याग तुच्छ हैं हमारी शान के आगे तुम्हारा दर्द तुम्हारे आंसू तुम्हारी शंकाएं ज़िन्दगी और मौत कुछ...

[दर्पण] कितना अच्छा होता

कितना अच्छा होता, निकाल लेते सारा पोटेशियम नाइट्रेट बारूद से, और ज़्यादा बना सकते थे उर्वरक, पिघला देते हथियारों का सारा लोहा, और अधिक बना सकते थे हल, निकाल...